
आज ईरान, अमेरिका–इज़राइल जंग ने दुनिया को कई धड़ों में बांट दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग की शुरुआत में कहा था कि हफ्ते भर में हम जीत जाएंगे। लेकिन हफ्ते-महीने बदल जाने लगे हैं और जंग खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर नेतन्याहू ने लेबनान और सीरिया में अलग से युद्ध शुरू कर दिया है। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी सुपरपावर अमेरिका और इज़रायल मिलकर भी ईरान को नहीं झुका पाए। अली ख़ामेनेई की मौत के बाद ईरान लगातार वेस्ट एशिया के देशों सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इज़रायल, कतर, कुवैत, ओमान, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान, बहरीन पर अपनी मिसाइलों और ड्रोन से लगातार हमले जारी रखे हुए है। अपने एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस—लेबनान में हिज़्बुल्लाह, गाज़ा में हमास, यमन में हूती विद्रोही, इराकी मिलिशिया ग्रुप्स—जैसे क़तैब हिजबुल्लाह, हरकत अल-नुजाबा, बद्र ऑर्गनाइज़ेशन को भी एक्टिव कर दिया है।
जंग के इतने हफ्तों के बाद भी अमेरिका और इज़राइल ईरान का कोई तोड़ नहीं निकाल पाए। पर बिना ताकतवर नेताओं, एयरफोर्स, नेवी के बगैर ईरान इस जंग में अब तक टिका कैसे है?
प्रोड्यूसर - मनोज राजपुरोहित
साउंड - अमन पाल

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