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100 साल तक भारतीय सैनिकों का आदेश मानने को मजबूर क्यों थे चीनी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 06

100 साल तक भारतीय सैनिकों का आदेश मानने को मजबूर क्यों थे चीनी?: पढ़ाकू नितिन, Ep 06

कुछ लोगों को चीन की तेज़ तरक़्क़ी हैरान करती है और कुछ देशों को डराती है. वर्ल्ड ऑर्डर में टॉप पर होने की चीनी चाहत ने दुनिया के थिंक टैक्स को मजबूर कर दिया है कि वो चीन का विज़न और उसका इतिहास दोनों समझें. चीन कभी आज की तरह बहुत विशाल और समृद्ध था लेकिन बीच में एक लंबा दौर आया जब उसने दुनिया से अपमान सहा. कुछ सयाने कहते हैं कि आज के चीन की गुंडई के पीछे उसी बेइज़्ज़ती का असर है. यहाँ तक कि एक सदी तक भारतीयों ने भी चीनियों को हड़का कर रखा. आज के पढ़ाकू नितिन में उस पुराने वक्त, बर्बादी की कहानी, अपमान के असर, चीनी पॉलिसीज़ और दिलचस्प कहानियों का रंग जमेगा. बैठकी में नितिन ठाकुर के साथ हैं अवॉर्ड विनिंग टीवी प्रोड्यूसर इक़बाल चंद मल्होत्रा जिन्होंने चीन-तिब्बत का दौरा किया और उसके इतिहास पर Red Fear नाम की किताब भी लिखी. उनके साथ मनोज केवलरमानी हैं जिन्होंने चीन में पत्रकारिता की है. आजकल बैंगलोर के तक्षशिला इंस्टीट्यूशन में चाइना स्टडीज़ पढ़ा रहे हैं. साथ ही smokeless war नाम की किताब भी लिखी है.

इस बातचीत में सुनिए:

- अंग्रेज़ों ने ताकतवर चीन को कैसे क़ाबू किया?

- 100 सालों तक भारतीय सेना चीन में क्या करती रही?

- चीन को सौ सालों तक किन देशों ने अपमानित किया?

- क्या चीन की एग्रेसिव नीति अपने अपमान का बदला है?

- तिब्बत पर चीनी क़ब्ज़े के पीछे सोवियत की कैसी साज़िश?

- पुराने चीनी कमांडर क्यों नपुसंक बनाए जाते थे? 

- अंग्रेज़ों से पहले चीन भारत पर क़ब्ज़ा जमा सकता था?

- क्यों कहा जाता है कि दूसरा विश्वयुद्ध एशिया से शुरू हुआ?

- चीन भारत के साथ अपने सीमा विवाद हल क्यों नहीं करता?

- भारत ने रूस के साथ मिलकर चीन को झुकाने का मौक़ा क्यों चूका?

किताबें जिनका ज़िक्र आया:

Red Fear- Iqbal Chand Malhotra
Smokeless War- Manoj Kewalramani
Nehru, Tibet and China- A.S. Bhasin

चीन की सेंचुरी ऑफ ह्यूमिलेशन

1990 में भारत-चीन

Cultural revolution

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