
इस्लाम 1400 साल पुराना मज़हब है. धारणा ये है कि जो इस्लाम में पहले कहा गया वही आज तक चला आ रहा है, जबकि ये पूरा सच नहीं.'इज़्तिहाद' नाम की टर्म को अगर आप डीकोड करने चलें तो एक ऐसी राह से रूबरू होंगे जो मुसलमानों को इंडिपेंडेंट थिंकिंग की तरफ ले जाती है. हमने 'पढ़ाकू नितिन' में इस बार यही टॉपिक छेड़ा है, और हमारे मेहमान हैं साइंस एंड मॉर्डन पॉलिटिकल हिस्ट्री के इतिहासकार सैयद इरफ़ान हबीब.
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