
तीन ताल के 83वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए:
-जब बाबा को सरदार ने फोन चलाने पर टोका. अस्वस्थता के बावजूद 'ऐतिहासिक' एपिसोड में शामिल हुए बाबा और ताऊ.
-शिशु अवतार में भारत की जनता. ताऊ ने क्यों किया भारतीय जनमानस के साहस का सम्मान.
-बाबा ने क्यों ताजमहल को गिराने की वक़ालत की. औरंगजेब की जल्दबाजी और ज्ञानवापी पर 'साइनबोर्ड' का आइडिया.
-रुपये और लोगों के गिरने में अंतर. ताऊ और बाबा ने कभी गिरा हुआ रुपया क्यों नहीं उठाया? गिरना क्यों आवश्यक है. क्या गिरना हमारे नियंत्रण में है? गिरने और फिसलने का फ़र्क़.
-बिज़ार ख़बर में अंडरवियर में घूमते दीवान साहब की बात और उनसे सहानुभूति. क्यों मोबाइल कराएगा अगला पार्टिशन.
-और आख़िर में तीन तालियों की चिट्ठियाँ.
-पंडित शिव कुमार शर्मा के संगीत और संतूर पर बाबा और सरदार की बातचीत यहां सुनें. (22:47 मिनट से)
प्रड्यूसर - कुमार केशव
साउंड मिक्सिंग - अमृत रज़ी

स्कर्ट वाले योद्धा, हगहा जींस और रेबीज़ वाला रायता : तीन ताल S2 137

वाम का बाम, गॉड का घालमेल और वि.कु.शु का जादू : तीन ताल S2 136

अवैध नान, केरले'स कैब ड्राइवर और चाय पर चर्चिल : तीन ताल S2 135

प्रदूषण का 'प्र' पलायन का लॉयन और रेलवे की थाली : तीन ताल, S2 129