
नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे रिश्ते की कहानी - मरीज़ की आख़िरी ख्वाहिश स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.









