scorecardresearch
 
Advertisement
मरीज़ की आख़िरी ख़्वाहिश | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

मरीज़ की आख़िरी ख़्वाहिश | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

नव्या की ज़िंदगी बस कुछ पलों की मेहमान थी, डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए थे. नव्या ने अपने पिता दीवान साहब, जो कचहरी में बड़े क्लर्क थे, उन्हें अपनी एक अजीब आख़िरी ख्वाहिश बताई. सुनिए एक शादीशुदा डॉक्टर और एक मरती हुई मरीज़ के बीच पनपते हुए एक अनकहे रिश्ते की कहानी - मरीज़ की आख़िरी ख्वाहिश स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.

Advertisement
Listen and follow स्टोरीबॉक्स विद जमशेद क़मर सिद्दीक़ी