
वो नास्तिक थे, कभी किसी धर्म या मज़हब को नहीं माना... पूरी ज़िंदगी कहते रहे कि मौत के बाद कुछ नहीं है... एक रोज़ अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और दुनिया से विदा हो गए... अंधेरे के उस पार दोबारा उनकी आंख खुली, वो एक अजीब जगह थी... और सामने थे गॉड - सुनिए स्टोरीबॉक्स में कहानी 'एक नास्तिक की GOD से मुलाक़ात' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.
साउंड मिक्सिंग : अमन पाल









