संसद का यह बजट सत्र सिर्फ भाषणों और आंकड़ों का नहीं, बल्कि रणनीति, टाइमिंग और सियासी दांव-पेंच का सत्र बन गया. विपक्ष एकजुट दिखा, लेकिन क्या अंदर ही अंदर बंटा हुआ था? और अगर बंटा था, तो फिर अचानक सट कैसे गया? इस बजट सत्र का असली विजेता कौन रहा? कौन बना इस पूरे मुकाबले का “मैन ऑफ द मैच”? स्पीकर के खिलाफ आवाज उठाते हुए राहुल गांधी से क्या चूक हुई? क्या एक ही गलती विपक्ष पर इतनी भारी पड़ी कि महीनों की तैयारी पर पानी फिर गया? और सबसे बड़ा सवाल. क्या विपक्ष के भीतर ही कोई सरकार का ‘आदमी’ है? क्या संसद में रातोंरात नैरेटिव बदल दिया गया? साथ ही, बांग्लादेश में हुए आम चुनाव पर भी बतकही होगी. सुनिए आज तक के तेजतर्रार रिपोर्टर मौसमी सिंह, ऐश्वर्या पालीवाल, राहुल गौतम, जितेंद्र बहादुर सिंह और पीयूष मिश्रा के साथ.
प्रड्यूसर : अंकित द्विवेदी
साउंड मिक्सिंग : अमन पाल