
दिल असल में महँगी दवाइयाँ या सप्लीमेंट नहीं, बल्कि सादी रोज़मर्रा की आदतें चाहता है. संतुलित खाना, नियमित चलना, पूरी नींद और कम तनाव. दिल की बीमारी सिर्फ बुज़ुर्गों की नहीं रही. 30–40 की उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक की वजहें हैं पेट की चर्बी, धूम्रपान, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव, कम नींद और अनियमित जीवनशैली. रिपोर्ट ‘नॉर्मल’ आने का मतलब यह नहीं कि दिल पूरी तरह सुरक्षित है. क्योंकि ECG, TMT और Echo की अपनी सीमाएँ हैं और शुरुआती ब्लॉकेज या सूक्ष्म जोखिम छूट सकते हैं. प्रोटीन पाउडर, फैट बर्नर और प्री-वर्कआउट में मौजूद अधिक कैफीन, स्टिमुलेंट्स या मिलावटी तत्व दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं. इसलिए मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है. ‘हर्बल’ या ‘आयुर्वेदिक’ लिखा होना पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं. कई बार लोग बिना जाँच-परामर्श के लंबे समय तक सेवन कर गलती करते हैं. कुछ आम दवाइयाँ जैसे कुछ पेनकिलर खासकर NSAIDs, सर्दी-खाँसी की डीकंजेस्टेंट दवाएँ या अनियंत्रित नींद की गोलियाँ दिल और ब्लड प्रेशर पर असर डाल सकती हैं. भारतीयों में जेनेटिक प्रवृत्ति के साथ हाई-कार्ब आहार, शारीरिक निष्क्रियता और क्रॉनिक तनाव दिल को जल्दी बूढ़ा कर देते हैं. पेट की चर्बी खासकर विसरल फैट दिल के लिए खतरनाक है. और दुबला दिखने वाला व्यक्ति भी अंदरूनी चर्बी, शुगर या कोलेस्ट्रॉल के कारण हार्ट पेशेंट हो सकता है. रोज़ कम से कम 30 मिनट तेज़ चाल से चलना या हफ्ते में 150 मिनट मध्यम व्यायाम दिल के लिए पर्याप्त माना जाता है. जिम ज़रूरी नहीं पर नियमितता ज़रूरी है. तनाव, गुस्सा, नींद की कमी और लगातार मोबाइल स्क्रीन sympathetic सिस्टम को सक्रिय रखकर दिल पर दबाव डालते हैं. शुरुआती हल्के संकेत. असामान्य थकान, सीढ़ी चढ़ते सांस फूलना, सीने में दबाव, जबड़े या बाँह में दर्द, बार-बार गैस जैसा अहसास. इन्हें नज़रअंदाज़ न करें. आज से पाँच बदलाव करें. धूम्रपान बंद. रोज़ चलना. नमक और चीनी कम. 7 घंटे नींद. और सालाना बेसिक जाँच. शराब थोड़ी-सी दिल के लिए फायदेमंद है. यह धारणा अब मिथ मानी जाती है. परिवार में हार्ट डिज़ीज़ की हिस्ट्री हो तो 25–30 की उम्र से ही शुगर, लिपिड प्रोफाइल, BP और जरूरत हो तो आगे की जाँच शुरू करें. सबसे बड़ा भ्रम यही है कि मैं अभी जवान हूँ, मुझे कुछ नहीं होगा. जबकि दिल उम्र नहीं, आदतें देखता है. सुनिए हार्ट को सुरक्षित रखने के सभी टिप्स पारस अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड एंड डायरेक्टर डॉक्टर अमित भूषण शर्मा से.
होस्ट/प्रड्यूसर : अतुल तिवारी
साउंड मिक्स : अमन/रोहन