
1970 के उस दौर में, जब औरतों को समाज ने कुछ गिनी-चुनी भूमिकाओं में बांध रखा था, तब किरण बेदी देश की पहली महिला IPS अफ़सर बनीं. ये एक सिर्फ़ नौकरी नहीं थी, बल्कि सोच की दीवार को तोड़ने जैसा था. दिल्ली की सड़कों से लेकर तिहाड़ जेल की दीवारों तक, हर पोस्टिंग को उन्होंने सुधार के नज़रिये से देखने की कोशिश की. क्राइम ब्रांच के इस ख़ास एपिसोड में हमारे साथ हैं किरण बेदी, सेवानिवृत्त IPS अधिकारी होने के साथ-साथ वो पुदुचेरी की राज्यपाल भी रह चुकी हैं. आज बातचीत सिर्फ़ पुलिसिंग पर नहीं, बल्कि उस दौर की होगी जब ज़्यादा मुश्किल था नियमों को बराबरी से लागू करना.
प्रड्यूसर: माज़ सिद्दीक़ी
साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

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