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Mahila Aayog है तो Purush Aayog क्यों नहीं? False Cases और Men's Rights पर Barkha Trehan के बेबाक बोल: Crime Branch

Mahila Aayog है तो Purush Aayog क्यों नहीं? False Cases और Men's Rights पर Barkha Trehan के बेबाक बोल: Crime Branch

क्या पुरुषों के साथ होने वाले अन्याय पर देश में पर्याप्त चर्चा होती है? क्या कानून और व्यवस्था महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ पुरुषों की समस्याओं को भी समान गंभीरता से देखती है? या फिर ये सिर्फ़ एक धारणा है? Crime Branch के इस ख़ास एपिसोड में अरविंद ओझा से बातचीत कर रही हैं Men's Rights Activist बरखा त्रिहान. बातचीत में उन्होंने पुरुष आत्महत्याओं, कथित फ़र्ज़ी मामलों, पुरुष आयोग की मांग, अतुल सुभाष, अमन शर्मा, मोहम्मद शमी, विष्णु तिवारी, निक्की भाटी और कई चर्चित मामलों पर अपनी राय रखी. इस पॉडकास्ट में आपको महिलाओं और पुरुषों के अधिकार, मीडिया ट्रायल और जेंडर आधारित कानूनों पर एक तीखी और बेबाक बातचीत देखने को मिलेगी. ये चर्चा आपको सोचने पर ज़रूर मजबूर करेगी.

Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार अतिथि के निजी हैं. आज तक रेडियो इन विचारों का समर्थन नहीं करता.

Host - Arvind Ojha
Sound - Rohan Bharti 

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