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थार में मुरझाती टहनियाँ, अज़ीज़ मियाँ को कैसे सुनें और पेनकिलर के नए अर्थ : तीन ताल, Ep 62

थार में मुरझाती टहनियाँ, अज़ीज़ मियाँ को कैसे सुनें और पेनकिलर के नए अर्थ : तीन ताल, Ep 62

तीन ताल के 62वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए:

 

- असली ठंड कैसी होगी. नैतिक और आधार का फ़र्क़. सबके पास आधार होने के बावजूद क्या नहीं.

 

- अजय मिश्रा ‘टेनी’ का वायरल वीडियो. बंद कमरों में राजनीति की भाषा कैसी होती है? नेताओं के अभिनय की सीमा क्या है?

 

- उत्तर प्रदेश में चाचा भतीजे की मुलाकात का सुंदर और बदसूरत पहलू. अखिलेश के ट्वीट को ताऊ,बाबा और सरदार ने किया डिकोड.

 

- भारत में क़व्वाली किस तरह फूली फली. क़व्वाली के विश्वनाथ अज़ीज़ मियाँ पर बात. ‘गॉड ऑफ़ म्यूज़िक’ को सुनने का सही तरीक़ा.

 

-बाबा ने अज़ीज़ मियाँ के श्रोता को क्यों चन्द्रमा जैसा कहा. अज़ीज़ मियाँ की सबसे बेहतरीन क़व्वालियों पर बात. संगीत के तीन साँचे जो दोबारा नहीं बने.

 

-पेनकिलर का जस्टिफिकेशन. पेनकिलर कब खाएँ और कब नहीं. शरीर के सबसे दर्दनाक दर्द. पेनकिलर शायरी का आनन्द.

 

-जब ताऊ ने खुद को और शरीर को अलग समझ लिया. क्या दवा और दारू एक है. दर्द का देसी इलाज़ और नेचुरल पेनकिलर्स.

 

- दर्द क़ाबू करने का ताऊ का अनूठा तरीक़ा.

 

- तीन तालियों की चिट्ठियाँ और प्रतिक्रियाएँ. होम्योपैथी और आम आदमी पार्टी में समानता और अंतर.

 

प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी

साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी

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