
22 जुलाई की बात है. ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने एक घोषणा की. कहा कि हम सऊदी अरब के साथ एक डील साइन करने जा रहे हैं. सबने पूछा इस डील से क्या होगा.. बताया गया- अमेरिका सऊदी अरब की मदद करेगा.. उनके Civil Nuclear Program के लिए उन्हें हेल्प करेगा. बदले में अमेरिका को सऊदी अरब पैसा देगा.. डील साइन हो गई. अब सुनने में कितना सिंपल लगता है न?
अगले दिन ही ट्रंप ट्रुथ सोशल पर आए और कहा.. कि डील हो तो गई है.. लेकिन अंजाम तक पहुंचेगी या नहीं.. ये तो इस बात पर डिपेंड करेगा.. कि सऊदी अरब इज़रायल से अपने Diplomatic Relations शुरू करेगा.. अब पूरी दुनिया सर खुजा रही थी.. पूछ रही थी.. कि Mr. Trump. डील तो होती ही इसलिए है ना. कि सारी शर्ते अग्रीमेंट में लिखे जाए और फिर साइन हों. फिर आप साइन हो चुकी डील में ये शर्त कैसे एड कर सकते हैं.… मामला दरअसल इतना सिंपल है नहीं.. ना ये डील सिंपल है… इसलिए सालों से अटकी हुई थी.. और ईरान वॉर के दौरान इस डील का होना और भी मुश्किल है.. क्योंकि अंदर की बात ये है कि ये डील सिर्फ़ सऊदी अरब के लिए मदद भर नहीं है.. हो सकता है ये दुनिया में होने वाले अगले सबसे बड़े Chaos की शुरूआत हो.. The Big Nuclear Power Chaos.. इसलिए पढ़ाकू नितिन World Affairs का ये एपिसोड बहुत अहम हैं. हमारे सामने हैं War Veteran और Nuclear Policy Expert Retired Brigadier Arun Sehgal. 36 साल आर्मी में सर्व किया. इसके बाद आप Forum for Strategic Initiatives नाम के थिंक टैंक के Director भी हैं. आज हमारे साथ हैं. इनसे समझिए की पूरा मसला है क्या?
Credits:
Producer: Manav Dev Rawat
Host: Nitin Thakur
Sound: Suraj Singh