
मॉडर्न प्रजातंत्र के संदर्भ में अक्सर कहा जाता है कि चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं होते। लाइन घिसी-पिटी लग सकती है, लेकिन बात सच है। अगर चुनाव को लेकर भाव त्योहार जैसा न भी हो, तो भी उसका तामझाम और तैयारियाँ किसी उत्सव से कम नहीं होतीं। अभी हमारे पड़ोस में, बांग्लादेश में, चुनाव होने जा रहे हैं। 12 फ़रवरी को बांग्लादेश में 300 सीटों के लिए 12.7 करोड़ मतदाता मतदान करने वाले हैं। यूँ तो यह किसी आम चुनाव जैसा लग सकता है, लेकिन 2024 में बांग्लादेश में जो हुआ, उसके बाद ये चुनाव देश के लिए वाकई make-or-break साबित हो सकते हैं।
Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में चर्चा बांग्लादेश पर ही है। इस बार के बांग्लादेश चुनाव इतने खास क्यों हैं? शेख हसीना के बिना हो रहा यह पहला चुनाव किस तरह का है? उनके प्रति जो असंतोष था, क्या वह उनके जाने के बाद भी कायम है? बांग्लादेश का Gen Z अब किस ओर देख रहा है? इन्हीं सवालों पर हमने बात की ढाका में मौजूद अपने पत्रकार मित्र सलाहुद्दीन शोएब चौधरी से, जो बांग्लादेश के Blitz अख़बार के एडिटर हैं। वह पहले भी हमारे मेहमान रह चुके हैं—वह एपिसोड भी देखिए-सुनिए, और इस एपिसोड को भी अंत तक ज़रूर देखिए।
प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: अमन पाल