
अगर आप सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं तो पिछले महीने दो महीने में आपने ईरान से आती तस्वीरें ज़रूर देखी होंगी. कभी तेहरान में पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाती ईरानी जनता. कभी ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की फोटो को सिगरेट से जलाती महिला का फोटो. कभी मस्जिद को नुकसान पहुंचाते ईरानी प्रदर्शनकारी. ये वही ईरान है जिसने 1979 में Islamic Revolution देखा. ये वही ईरान है जो एक दौर में निहायत ही Westernised था और फिर वो दौर भी जब हिजाब ठीक से न पहनने पर एक महिला पहले अरेस्ट की गई फिर कस्टडी में ही उसने दम तोड़ा. पिछले डेढ़ दो महीने से ईरान में सरकार के खिलाफ़ भयंकर प्रदर्शन जारी थे. ईरानी सरकार ने उसे दबाने के लिए बहुत सख़्त कदम भी उठाए. लेकिन मामला Domestic से Geopolitical तब बन गया जब Venezuela में ‘Democracy’ स्थापित करके आए ट्रंप ने कहा- मैं यहां भी आ जाऊं क्या? यहां से मामला बहुत ज़्यादा पेचीदा हो गया है. तो आज इसे ही समझते हैं. समझेंगे कि Iran में ये प्रदर्शन छिड़े क्यों? इनके पीछे सिर्फ़ जनता का असंतोष था या कि कुछ और ताकतें भीं? Iran में होते Protest ने कैसे भारत के चावल व्यापारियों तक को तंग कर रखा है? और Iran ऐसा क्या करने जा रहा है जिससे भारत का 60% Energy Sector सकते में आ सकता है? Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने ये सवाल पूछे हमारे मेहमान और Ex-Ambassador Anil Trigunayat जी से. पिछले 3 दशकों में उन्होंने भारत को दुनियाभर में अलग अलग जगहों पर Represent किया है. Jordan, Libya Malta में Ambassador भी रहे यानि Middle East को जानते समझते बहुत अच्छे से हैं.
प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्स: रोहन भारती