
देश के नंबर वन कॉमेडी पॉडकास्ट 'तीन ताल' सीजन 2 के एपिसोड 173 में कमलेश ताऊ, आसिफ़ ख़ां चा और कुलदीप सरदार के साथ सुनिए:
फूफा नाराज़ क्यों हो जाते हैं, ताऊ क्या 'एथेनॉल फूफा' हैं, भूतपूर्व और मौजूदा नाराज़ फूफा कौन हैं, क्या विपक्ष असल में नाराज़ फूफा ही होता है और नाराज़ फूफा के असली traits क्या हैं? फूफा के फुल-बॉडी ईगो मसाज से लेकर राजनीति में रिश्तों के नाम रखने की परंपरा तक, भारतीय राजनीति के असली फूफा किसे कहा जाना चाहिए? देश के जीजाओं को ताऊ ने चेतावनी दी और यह सवाल भी उठा कि फूफा खामखां बदनाम हैं या सच में वो तुनुकमिज़ाज होते हैं?गाँव के सार्वजनिक फूफा और पीएम मोदी के पॉलिटिकल कंसर्ट पर भी चर्चा हुई.
सोशल मीडिया पर चल रहा 80s ट्रेंड और AI के दुरुपयोग पर भी बातचीत. 80s में खान चा और ताऊ का फैशन कैसा था, उस दौर में बात करने का सलीका क्या था और आज हम उस दौर की कौन-सी चीज़ें मिस करते हैं, इस पर भी चर्चा हुई. रेज बढ़ने और Fight or Flight की प्रवृत्ति से लेकर इस सवाल तक बात पहुँची कि इंसान आखिर किस चीज़ से भरा पड़ा है और क्या हमें रिक्तता की ओर लौटना चाहिए. सत्य निकेतन की घटना के बहाने हमारे यहाँ Safety Culture के न होने पर बात हुई और ब्रह्मचर्य, कंट्रोल और पेरिस में एफ़िल टावर बंद होने में BAPS का प्रसंग भी आया.
गरबा पर विवाद और मुसलमानों की एंट्री को लेकर शुरू हुई बहस के साथ यह भी समझने की कोशिश हुई कि गरबा और डांडिया में असल फ़र्क क्या है।साथ ही मिडिल ईस्ट में हूतियों की चुनौती, सऊदी अरब की समृद्धि और समृद्धि से पैदा होने वाले आलस्य पर भी ताऊ ने अपनी बातें रखी. आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने से लेकर मायावती को फ़ेवरेट लीडर बताने, दलित वोट बैंक पर चंद्रशेखर की नज़र और हमारे लोकतंत्र में मौजूद एक राजतंत्र पर लंबी बातचीत हुई. मायावती के शासनकाल को ताऊ ने किस तरह याद किया, यह भी सुनिए.
Apple iPhone की कीमत पर हैरानी क्यों होती है, Upgradeitis क्या है, iPhone में मनुवाद कहाँ से आ गया और iPhone 18 Duo इतना महंगा क्यों है—इन सवालों के जवाब भी मिलेंगे. इमली का अंग्रेजी नामTamarind कैसे पड़ा, यह कहानी भी निकली. बिज़ार ख़बर में चोरी हुई स्कूटी का चालान आने के बहाने गाड़ी उधार देने और बाइक वाले चालाक दोस्तों के क़िस्से सुनने को मिलेंगे. फोन में नेटवर्क की वजह से रील न चल पाने पर जान गंवाने वाली महिला की घटना के बहाने मनोरंजन और Screen Addiction पर भी चर्चा हुई. सफ़ेद जूते बचाने के लिए बुज़ुर्ग की पीठ पर सवारी करने वाले पटवारी को भी रिमांड पर लिया गया और आखिर में आईं प्राणों से प्रिय तीन तालियों की चिट्ठियां.
प्रड्यूसर: कुमार केशव
छोटू प्रड्यूसर: मानव देव रावत
साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह
वीडियो एडिट: आशीष रावत/लोकेश कुमार

बेईमान भारत, अराजकता का आचार और शराबी चचा : तीन ताल S2 Ep. 171

बांकीपुर की झांकी, चावलपंथी समाज और गाड़ियों में रसावल : तीन ताल S2 168