
नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर बार किरदार की बारीकियां अपनी एक्टिंग में उतारकर दुनिया को चौंका दिया. चाहे वो क्रांतिवीर हो, वजूद हो, परिंदा हो, वेलकम हो या अब तक छप्पन - हर बार उन्होंने दर्शकों को अपने काम से चौंका दिया. फ़िल्मों के अलावा नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी एक बेहतरीन इंसान थे. गांव की ज़िंदगी उन्हें पसंद थी और वो हमेशा उसी माहौल में जीना चाहते थे. आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हैं और कुछ सुने-अनसुने क़िस्से हैं जिन्हें स्टोरीबॉक्स के इस खास एपिसोड में याद कर रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.
Narrator - Jamshed Qamar Siddiqui
Producer - Maaz Siddiqui









