
एक मरीज़ की इच्छा मृत्यु की याचिका कोर्ट ने नामंज़ूर कर दी. उसका दर्द और तकलीफ़ देखकर डॉक्टर मिर्ज़ा ने दया दिखाते हुए उसे ज़हर का इंजेक्शन लगा दिया, लेकिन मरीज़ की मौत के बाद डॉक्टर को पता चला कि ये इच्छा मृत्यु दरअसल एक साज़िश थी. वो एक ऐसे जाल में फंस गया है जो उसकी मौत तक पीछा नहीं छोड़ेगा. सुनिए 'स्टोरीबॉक्स' में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी की लिखी कहानी, इच्छा मृत्यु, का दूसरा हिस्सा.
साउंड मिक्सिंग: अमन पाल









