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फ़ैज़ की ग़ज़ल 'गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले' : दोतारा Ep10

फ़ैज़ की ग़ज़ल 'गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले' : दोतारा Ep10

'दो तारा'. कविता को संगीत के साथ पिरोकर Chinmayi Tripathi और Joell Mukherji ने एक अनोखा रंग बुना है. Poetry और Music का यह बेजोड़ मिलन अब से आप सुन सकते हैं आज तक रेडियो पर. आज 'दो तारा' में सुनिए  फ़ैज़ की ग़ज़ल 'गुलों में रंग भरे बाद-ए-नौ-बहार चले'

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